शब्दार्थ
फ़ानी
faani
hiadjective
अर्थ
नश्वर, क्षणभंगुर, मिट जाने वाला।
विस्तार
शास्त्रीय उर्दू शायरी में 'फ़ानी' का तात्पर्य संसार और सांसारिक वस्तुओं की नश्वरता से होता है। इस शे'र में यह स्पष्ट करता है कि दोनों पक्षों के सनम (मा'शूक़ या बुत) मिट्टी के बने हैं और अंततः मिट जाने वाले हैं। यह शब्द अमर ईश्वरीय सत्ता के मुक़ाबले दुनिया की क्षणभंगुरता को रेखांकित करता है।
व्युत्पत्ति
Arabic, from the root f-n-y (ف-ن-ي), meaning to pass away, perish, or cease to exist.
प्रयोग
In ghazal poetry, it is standardly contrasted with 'baaqi' (eternal) to reflect on the transience of life, worldly power, and human beauty.
उदाहरण
जहान-ए-फ़ानी की बे-सबाती
नक़्श-ए-फ़ानी पे न इतरा
समानार्थी
नश्वरक्षणभंगुरज़ाएल
संबंधित शब्द
फ़नाबाक़ीख़ाकी
