शब्दार्थ

फ़ातिहा

Fātiḥa

hinoun, feminine

अर्थ

क़ुरआन का पहला अध्याय; मृतकों की शांति के लिए प्रार्थना।

विस्तार

इस्लामी परंपरा में 'फ़ातिहा' क़ुरआन की पहली सूरत है, जिसे मृतकों की मग़फ़िरत और आत्मिक शांति के लिए पढ़ा जाता है। उर्दू शायरी में यह बहुधा आशिक़ की मज़ार पर माशूक़ के आने और दुआ करने के संदर्भ में प्रयुक्त होता है। इस शेर में यह दिवंगत प्रेमी की क़ब्र की ज़ियारत करने के एक बहाने के रूप में आया है।

व्युत्पत्ति

Arabic 'fātiḥah' (فاتحة), from the triliteral root f-t-ḥ (ف-ت-ح) meaning 'to open' or 'beginning'.

प्रयोग

In classical ghazals, 'Fatiha' is frequently paired with the lover's tomb, where the poet yearns for the beloved to visit at least on the pretext of offering a funeral prayer.

उदाहरण

ख़ाक पर आशिक़ की फ़ातिहा पढ़ना

तक़रीब-ए-फ़ातिहा से मज़ार पर आना

समानार्थी

दुआ-ए-मग़फ़िरतईसाल-ए-सवाबसूरत-उल-फ़ातिहा

संबंधित शब्द

ज़ियारतमज़ारक़ब्रदुआ
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