शब्दार्थ
फ़ित्ना-ख़िराम
fitna-khiraam
अर्थ
फ़साद या कयामत बरपा करने वाली चाल चलने वाला
विस्तार
शास्त्रीय शायरी में यह सामासिक पद ऐसे व्यक्ति या अंदाज़ के लिए आता है जिसकी चाल या हरकत से हलचल और हंगामा मच जाए। ग़ालिब के इस शेर में यह विशेषण 'निगाह' के लिए प्रयुक्त हुआ है, जो उपद्रवी या कयामत बरपा करने वाली दृष्टि को दर्शाता है। यह दृष्टि इतनी बेचैन और असरदार है कि दोनों जहानों के पर्दे और दरवाज़े खोल देती है।
व्युत्पत्ति
Compound formed from Arabic 'fitna' (فتنة, meaning chaos, sedition, trial) and the Persian active participle stem 'khiraam' (خرام, from khiraamidan, meaning to walk gracefully or strut).
प्रयोग
Commonly employed in classical Urdu ghazals as a compound epithet for the beloved's ravishing walk or a destabilizing glance.
उदाहरण
उसकी फ़ित्ना-ख़िराम चाल ने पूरे शहर में कोहराम मचा दिया
निगाह-ए-फ़ित्ना-ख़िराम के आगे दिल का संभलना मुहाल है
