शब्दार्थ
फोड़
phoḌ
hiverb
अर्थ
तोड़कर, टुकड़े करके या ज़ख़्मी करके।
विस्तार
इस शे'र में 'फोड़' का प्रयोग इश्क़ के जुनून और बेबसी में अपना सिर दीवार से टकराकर चकनाचूर कर लेने के संदर्भ में हुआ है। यह महबूब की चौखट पर प्रेमी की जानलेवा दीवानगी और विरह की चरम सीमा को दिखाता है। यह क्रिया आशिक़ के दुख और आत्मघाती तड़प को रेखांकित करती है।
व्युत्पत्ति
From Sanskrit स्फोट (sphoṭa, bursting/breaking open), evolving through Prakrit into Hindustani phoḌnā.
प्रयोग
In classical Urdu ghazal, the idiom 'sar phoḌnā' (smashing one's head against stones or walls) is a recurrent trope depicting unbearable madness and desolation.
उदाहरण
पत्थर से सर फोड़ कर रोना
ग़म में अपना ही सर फोड़ लेना
समानार्थी
तोड़विदीर्ण करचकनाचूर कर
संबंधित शब्द
फोड़नासर-फोड़ीफूटना
