शब्दार्थ

फ़ख़्र

fakhr

hinoun, masculine

अर्थ

गर्व, नाज़, स्वाभिमान या गौरव।

विस्तार

शास्त्रीय शायरी में 'फ़ख़्र' का आशय नेक गर्व, स्वाभिमान या शराफ़त के गौरव से है। प्रस्तुत शे'र में यह दरवेशी और इश्क़ की उस बुलंदी को दर्शाता है जिस पर बादशाह भी रश्क करते हैं। यहाँ 'फ़क़्र' और 'फ़ख़्र' के शाब्दिक मेल से आध्यात्मिक गरिमा को स्पष्ट किया गया है।

व्युत्पत्ति

Arabic root f-kh-r (فخر), denoting to take pride, glory, or boast honorably.

प्रयोग

Often employed in ghazals alongside or in phonetic contrast with 'faqr' to juxtapose worldly imperial pomp with spiritual transcendence.

उदाहरण

फ़ख़्र-ए-रोज़गार

फ़ख़्र-ओ-मुबाहात

समानार्थी

नाज़गर्वशर्फ़इज़्ज़त

संबंधित शब्द

फ़ाख़िरइफ़्तिख़ारफ़क़्र
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