शब्दार्थ

फ़क़ीरी

faqīrī

hinoun, feminine

अर्थ

दरवेशी, सांसारिक विरक्ति, संन्यास या आध्यात्मिक निर्धनता।

विस्तार

सूफ़ी और शास्त्रीय उर्दू शायरी में 'फ़क़ीरी' का अर्थ भौतिक तंगदस्ती नहीं, बल्कि सांसारिक विरक्ति और आध्यात्मिक संतोष है। प्रस्तुत शेर में यह आंतरिक संप्रभुता और रूहानी ताक़त का प्रतीक है जो रूम और शाम के शाही तख़्त से भी श्रेष्ठ है। यह सांसारिक मोह त्यागकर आत्मसम्मान और रूहानी बुलंदी पाने की अवस्था है।

व्युत्पत्ति

Arabic root 'f-q-r' (فقر, poverty/want) with the Persian abstract noun suffix '-ī' (ی).

प्रयोग

In classical ghazal and Sufi verse, faqiri is repeatedly juxtaposed with royal majesty (shahi/saltanat) to proclaim spiritual mastery over worldly rule.

उदाहरण

दर-ए-यार पर फ़क़ीरी भी बादशाही है

शाहों का तख़्त छोड़ फ़क़ीरी पसंद की

समानार्थी

फ़क़्रदरवेशीइस्तिग़्नाक़नाअत

संबंधित शब्द

फ़क़ीरदरवेशक़लंदरसल्तनत
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