शब्दार्थ
पहचानता
pehchāntā
hiverb
अर्थ
जानना, शनाख़्त करना, परखना या भेद पाना।
विस्तार
उर्दू शायरी में इसका प्रयोग किसी व्यक्ति या सत्य की वास्तविक पहचान करने और उसे परखने के अर्थ में होता है। प्रस्तुत शे'र में शायर यह स्वीकार करता है कि वह अभी सच्चे रहनुमा या मार्गदर्शक को नहीं पहचान सका है। यह शब्द आध्यात्मिक तलाश, भ्रम और जीवन-यात्रा के असमंजस को उजागर करता है।
व्युत्पत्ति
Sanskrit 'प्रत्यभिज्ञान' (pratyabhijñāna) / 'प्रत्यभिजानाति' (pratyabhijānāti) through Prakrit into Old Hindi/Urdu 'पहचानना'.
प्रयोग
In classical ghazals, this verb frequently articulates themes of spiritual discernment, self-alienation, and the difficulty of perceiving the Beloved's true guise.
उदाहरण
आईने में अब ख़ुद को नहीं पहचानता।
जो दर्द-ए-दिल के राज़ को पहचानता है।
समानार्थी
जानतापरखतासमझता
संबंधित शब्द
पहचानपहचाननाशनासाआशना
