शब्दार्थ

पहचान

pehchan

hinoun

अर्थ

शनाख़्त, परिचय या जानने की क्रिया।

विस्तार

शास्त्रीय शायरी में 'पहचान' का तात्पर्य किसी को जान-बूझकर पहचानने या अवगत होने से है। इस शेर में यह भाव व्यक्त हुआ है कि माशूक़ ने भूल से नहीं बल्कि जान-बूझकर पहचान कर ज़ुल्म किया, और बाद में अनजान बनने (तजाहुल) का ढोंग रचा।

व्युत्पत्ति

Derived from Sanskrit 'प्रत्यभिज्ञान' (pratyabhijñāna) via Prakrit, developing into the Hindi/Urdu verbal root पहचान-.

प्रयोग

Often paired or contrasted in ghazal poetry with themes of 'beganagi' (estrangement) or 'tajahul' (feigned indifference).

उदाहरण

पहचान कर भी अनजान बने रहना

अपनी ही पहचान खो बैठना

समानार्थी

शनाख़्तपरिचयवाक़िफ़ियत

संबंधित शब्द

पहचाननाजान-पहचानबेगाना
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