शब्दार्थ

पहचाना

pehchānā

hiverb

अर्थ

जाना, परखा या असलियत समझ ली।

विस्तार

उर्दू शायरी में 'पहचाना' का आशय किसी के वास्तविक स्वभाव, भेद या नीयत को गहराई से भाँप लेने से है। प्रस्तुत शे'र में आशिक़ का जुनूँ ज़माने की असलियत और उसके तौर-तरीक़ों को भली-भाँति समझ लेता है। यहाँ यह शब्द केवल दृष्टिगत पहचान नहीं, बल्कि एक गहरे अंतर्दृष्टि और विवेक को व्यक्त करता है।

व्युत्पत्ति

From Sanskrit 'प्रत्यभिजानाति' (pratyabhijānāti, to recognize) via Prakrit into Hindustani 'पहचानना'.

प्रयोग

In the ghazal tradition, it frequently denotes an awakening to betrayal, the piercing of illusions, or true spiritual comprehension.

उदाहरण

हमने तो ज़माने के हर रंग को पहचाना

मुस्कुराहट के पीछे छुपे दर्द को दिल ने पहचाना

समानार्थी

जानासमझापरखा

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