शब्दार्थ
पहुँची
pahunchi
hiverb
अर्थ
पहुंच गई, जा लगी (स्त्रीलिंग भूतकाल रूप)।
विस्तार
यह 'पहुँचना' क्रिया का स्त्रीलिंग भूतकालिक रूप है, जिसका अर्थ किसी मुक़ाम या सीमा तक जाना है। इस शे'र में यह शब्द आशिक़ की 'फ़ुग़ाँ' (फ़रियाद/चीख़) के फलक और सितारों तक पहुँचने के संदर्भ में आया है। यह आह और नाले के असीम विस्तार तथा बुलंदी को दर्शाता है।
व्युत्पत्ति
Derived from Prakrit 'पहुंचइ' (pahuñcaï), tracing back to Old Indo-Aryan / Sanskrit 'प्रभू' (prabhū) or 'प्रापण' (prāpaṇa).
प्रयोग
In ghazal poetry, it is frequently used to portray the sigh ('aah') or wailing ('fughān') traveling through space to reach the heavens or the beloved's door.
उदाहरण
फ़लक तक आ पहुँची सदा-ए-दिल
आह पहुँची है दर-ए-यार तक
समानार्थी
आ पहुँचीजा लगीआई
संबंधित शब्द
पहुँचपहुँचनारसाई
