शब्दार्थ

पहुँचा

pahuncha

hiverb

अर्थ

पहुँच गया, वाक़िफ़ हुआ या रसाई पाई।

विस्तार

शास्त्रीय उर्दू शायरी में इसका अर्थ किसी स्थान तक जाना, रसाई पाना या किसी मंज़िल पर पहुँचना है। इस शेर में दिल का माशूक़ के दामन के कोने तक भी न पहुँच पाना अधूरापन और नाकामी बयान करता है। यह ख़्वाहिश के मुकम्मल होने से पहले ही आँसू या ख़ून का कतरा बनकर पलक पर जम जाने की बेबसी दिखाता है।

व्युत्पत्ति

Hindustani / Prakrit origin, derived from the Sanskrit root 'प्रपच्' (prapañc) or connected to 'पहुँचना' through Old Indo-Aryan roots of arrival.

प्रयोग

Frequently used with negative particles (जैसे 'न पहुँचा') in ghazals to underscore the insurmountable distance between lover and beloved.

उदाहरण

न पहुँचा कोई भी उस कू-ए-यार तक।

नाल-ए-दिल कहाँ से कहाँ तक पहुँचा।

समानार्थी

आयागयावासिल हुआ

संबंधित शब्द

पहुँचपहुँचानारसाई
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