शब्दार्थ

पस-अज़-मर्ग

pas-az-marg

hiadverbial phrase

अर्थ

मृत्यु के बाद; मरने के उपरांत।

विस्तार

यह फ़ारसी का एक वाक्यांश है जिसका अर्थ 'मौत के उपरांत' या 'मरणोपरांत' है। शास्त्रीय उर्दू शायरी में यह आशिक़ के उस जुनून या दर्द को रेखांकित करता है जो जीवन की समाप्ति के बाद भी ख़त्म नहीं होता। प्रस्तुत शे’र में यह पूछा गया है कि आशिक़ की दीवानी बरहनगी मरने के बाद भी कहाँ पनाह पाएगी जब उसे कफ़न तक मयस्सर नहीं।

व्युत्पत्ति

Persian: 'pas' (after, behind) + 'az' (from) + 'marg' (death).

प्रयोग

Frequently deployed in classical poetry to emphasize tragic pathos and desires that remain unfulfilled beyond the boundary of mortal life.

उदाहरण

पस-अज़-मर्ग भी न छूटी वह बे-क़रारी

पस-अज़-मर्ग कोई कफ़न भी न मिला

समानार्थी

बा'द-अज़-मर्गमरणोपरांतमरने के बाद

संबंधित शब्द

मर्गबे-कफ़नीकुश्ताहयात
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