शब्दार्थ

परवाना-ज़ार

parwāna-zār

hinoun

अर्थ

पतंगों का जमघट या स्थान; परवानों की बहुतायत।

विस्तार

यह शब्द 'परवाना' (पतंगा) और प्रत्यय '-ज़ार' (स्थान या बाहुल्य) से मिलकर बना है। शास्त्रीय शायरी में इसका अर्थ शमा के इर्द-गिर्द पतंगों का जमघट या ऐसा स्थान है जहाँ परवाने बहुतायत में हों। इस शे’र में आग की बेताब लौ को ही परवानों के झुंड या उनके आशियाने की तरह दर्शाया गया है।

व्युत्पत्ति

Persian: parwānah (moth) + -zār (suffix denoting a place of abundance or collection).

प्रयोग

Used in ghazal poetics as a dramatic metaphor for overwhelming passion, sacrificial longing, and the crowding of lovers around the flame of the beloved.

उदाहरण

शम-ए-फ़रोज़ाँ के गिर्द इक परवाना-ज़ार था

सोज़-ए-निहाँ से दिल बना परवाना-ज़ार-ए-शौक़

समानार्थी

मजमा-ए-परवानापरवाना-गाह

संबंधित शब्द

परवानाशमाआतिशशोला
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