शब्दार्थ
परतव-ए-ख़ुर
paratav-e-khur
hinoun
अर्थ
सूर्य की प्रभा, प्रकाश और ज्ञान का प्रतीक।
विस्तार
यह पद सूर्य की चमकदार रोशनी का प्रतिनिधित्व करता है, जो स्पष्टता और आध्यात्मिक जागरण का प्रतीक है। कविता में, इसे ज्ञान या दिव्य प्रेरणा के लिए उपमा के रूप में प्रयोग किया जाता है।
व्युत्पत्ति
From Persian where 'परतव' (paratav) means illumination and 'ख़ुर' (khur) means sun.
प्रयोग
In Sufi poetry, it often symbolizes divine light guiding the seeker.
उदाहरण
सूर्य की प्रभा के नीचे, हर दिल ख्वाबों से जगमगाता है।
उसका प्यार सूर्य की प्रभा है, मेरे अंधेरे मार्ग को उजागर करता है।
समानार्थी
प्रकाशचमकउज्जाल
संबंधित शब्द
ज्ञानप्रकाशप्रभा
