शब्दार्थ
परेशाँ-नज़री
pareshāñ-nazrī
hinoun
अर्थ
व्याकुल या भटकी हुई दृष्टि, बेचैन निगाह।
विस्तार
इसका अर्थ है विस्मय, प्रेम अथवा व्याकुलता के कारण दृष्टि का बिखर जाना या स्थिर न रह पाना। प्रस्तुत शेर में यह आईने की उस आदत को दर्शाता है जो माशूक़ से आँख मिलते ही हैरान और बेचैन होकर बिखर जाती है। यह दृष्टि की स्थिरता खो देने और असमंजस में पड़ जाने की अवस्था है।
व्युत्पत्ति
Persian compound formed from 'pareshān' (scattered, distressed) and Arabic 'nazar' (vision, sight) with the Persian abstract noun suffix '-ī'.
प्रयोग
In classical Urdu ghazal, it is frequently used to describe either the lover's distracted yearning or the mirror's bewildered awe before the beloved.
उदाहरण
आईने को लपका है परेशाँ-नज़री का
मेरी परेशाँ-नज़री का सबब न पूछ
समानार्थी
हैरान-नज़रीबदहवास-निगाहीइज़्तिराब-ए-नज़र
संबंधित शब्द
परेशाननज़रआईनादीद
