शब्दार्थ
परेशाँ
pareshāñ
hiadjective
अर्थ
व्याकुल, बिखरा हुआ, अस्त-व्यस्त या असंबद्ध।
विस्तार
शास्त्रीय काव्य में यह शब्द बिखराव, बेचैनी या मानसिक उलझन को व्यक्त करता है। प्रस्तुत शेर में 'गुफ़्तगू' के साथ मिलकर इसका आशय असंबद्ध, बेतुकी या उलझी हुई बातचीत से है। यह आध्यात्मिक मस्ती के सामने उपदेशक की खोखली बातों के बिखराव को दर्शाता है।
व्युत्पत्ति
Persian (پریشان / parīshān, from the root parīshīdan, meaning 'to scatter or disperse').
प्रयोग
Frequently paired with 'zulf' (tresses) to denote mesmerizing dishevelment, or with the lover's heart and mind to express profound disquiet.
उदाहरण
ज़ुल्फ़-ए-परेशाँ
ख़ातिर-ए-परेशाँ
समानार्थी
व्याकुलबिखराबेक़रारअस्त-व्यस्त
संबंधित शब्द
परेशानीपरेशाँ-हालपरेशाँ-ख़ातिर
