शब्दार्थ

पता

pata

hinoun, masculine

अर्थ

सुराग़, निशान, पहचान या ठिकाना।

विस्तार

उर्दू शायरी में 'पता' केवल आवासीय ठिकाने के लिए नहीं, बल्कि पहचान, सुराग़ या अस्तित्व के निशान के रूप में आता है। इस शे'र में आशिक़ माशूक़ की भूली हुई यादों को ताज़ा करने के लिए अपनी पहचान का सुराग़ देता है कि वह कभी उसका शिकार हुआ करता था।

व्युत्पत्ति

Derived from Sanskrit 'पत्त्र' (pattra, leaf/page/written letter), evolving through Prakrit and Old Hindi into the sense of a written address, notice, or trace.

प्रयोग

In the ghazal tradition, 'pata' frequently contrasts with notions of homelessness and wandering, often paired with 'be-nishan' (traceless).

उदाहरण

न कोई ख़त, न अपने आशियाँ का पता दिया।

ढूँढता फिरता है दिल उस बे-निशाँ का पता।

समानार्थी

निशानपहचानसुराग़

संबंधित शब्द

सुराग़ठिकानाबे-पता
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