शब्दार्थ

पड़ुं

parūñ

hiverb

अर्थ

मैं चरणों में गिरूँ या नतमस्तक होऊँ।

विस्तार

इस शेर में 'पड़ुं' क्रिया 'पड़ना' का प्रथम पुरुष एकवचन रूप है, जो 'पाँव' के साथ मिलकर किसी के चरणों में गिरने या नतमस्तक होने का भाव देता है। शायर यहाँ कोहकन (फरहाद) की सादगी और निष्ठा के प्रति आदर व्यक्त करते हुए उसके पाँव पर जान न्योछावर करने की इच्छा प्रकट करता है। यह शब्द आत्मसमर्पण और अत्यधिक श्रद्धा को रेखांकित करता है।

व्युत्पत्ति

From Sanskrit पत् (pat, to fall) / पद् (pad, to step), evolving via Prakrit into Hindustani पड़ना (paṛnā).

प्रयोग

In classical Urdu poetry, combined with 'पाँव', it commonly expresses the utmost humility, supplication, or devoted surrender to the beloved.

उदाहरण

तिरे क़दमों पे जा कर मैं पड़ूँ और हाल कहूँ

किस के पाँव पड़ूँ अपनी मुराद पाने को

समानार्थी

गिरूँझुकूँनिसार होऊँ

संबंधित शब्द

पड़नापाँव पड़नासजदाक़दम
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