शब्दार्थ

पछताइए

pachtā'iye

hiverb

अर्थ

पछताना, अफ़सोस या पश्चाताप करना

विस्तार

शास्त्रीय काव्य में 'पछताइए' पछताना क्रिया का आदरसूचक या संभाव्य रूप है, जिसका अर्थ अफ़सोस करना या खेद प्रकट करना है। इस शे'र में यह प्रश्नवाचक लहजे ('पछताइए न क्यूँकर') में आया है, जिसका भाव यह है कि ऐसा अनमोल जीवन या दिल व्यर्थ गँवा देने पर भला कोई पछतावा क्यों न करे। यह विरह और आत्म-विनाश के बाद पैदा होने वाले गहरे पश्चाताप को दर्शाता है।

व्युत्पत्ति

Sanskrit पश्चात्ताप (paścāttāpa, 'remorse/repentance') -> Prakrit -> Hindi/Urdu पछताना (pachtānā).

प्रयोग

Often used rhetorically with 'क्यूँकर' or 'क्यों न' to underscore that feeling deep sorrow is the only natural response to an immense tragedy.

उदाहरण

पछताइए न क्यूँकर दिल को यूँ गँवा कर।

अब हाथ मल के क्या पछताइए जनाब।

समानार्थी

नादिम होनाअफ़सोस करनाहाथ मलना

संबंधित शब्द

पछतावापछतानाअफ़सोसतस्फ़
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