शब्दार्थ

पकड़ा

pakṛā

hiverb

अर्थ

ग्रहण किया, धारण किया, थाम लिया।

विस्तार

शाब्दिक रूप से इसका अर्थ थामना या पकड़ना है, किंतु यहाँ 'रंग पकड़ना' मुहावरे के तहत किसी रूप, दशा या रंग को धारण करने के अर्थ में प्रयुक्त हुआ है। ग़ालिब के शेर में इसका आशय यह है कि प्रेम ने अभी पूरी तरह से पागलपन और वहशत का रंग इख़्तियार नहीं किया था। यह इश्क़ की उस अवस्था को रेखांकित करता है जो अभी चरम उन्माद तक नहीं पहुँची थी।

व्युत्पत्ति

Sanskrit 'स्पर्श' (sparśa) / Prakrit roots, evolved into Hindustani 'पकड़ना'.

प्रयोग

In classical poetry, it frequently appears in idiomatic constructions such as 'rang pakadna' (to assume a mood or hue) or 'zor pakadna' (to gain intensity).

उदाहरण

आग ने अभी ज़ोर पकड़ा न था।

ग़म ने दिल में नया रंग पकड़ा।

समानार्थी

धारण कियालियाअख़्तियार किया

संबंधित शब्द

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