शब्दार्थ
पेशतर-अज़-सुब्ह
peshtar-az-subh
hiadverbial phrase
अर्थ
सुबह से पहले, भोर से पूर्व।
विस्तार
यह फ़ारसी वाक्यांश भोर या प्रभात से पहले के समय को इंगित करता है। शेर में इसका प्रयोग यह दर्शाने के लिए हुआ है कि रात भर का दर्द सहने के बाद सुबह होने से पहले ही आशिक़ का बदन ठंडा पड़ गया।
व्युत्पत्ति
Persian 'peshtar' (prior, earlier) + 'az' (from, than) + Arabic 'subh' (morning).
प्रयोग
In classical ghazal poetry, it is frequently used to evoke the tragic end of a suffering lover before the long-awaited morning can arrive.
उदाहरण
पेशतर-अज़-सुब्ह बुझ गया चराग़
पेशतर-अज़-सुब्ह का आलम
समानार्थी
क़ब्ल-अज़-सुब्हसहर से पेशतरसुबह से पहले
संबंधित शब्द
सुब्ह-दमसहर-गहशाम
