शब्दार्थ
पोशिश
poshish
hinoun
अर्थ
वस्त्र, पोशाक, परिधान अथवा ढकने का आवरण।
विस्तार
शास्त्रीय शायरी में 'पोशिश' का अर्थ वस्त्र, पोशाक या किसी वस्तु को ढकने वाला आवरण (जैसे तलवार की म्यान) होता है। प्रस्तुत शेर में इसका आशय बाहरी आवरण से है, जहाँ रणक्षेत्र में नंगी तलवार को किसी बाहरी लिबास की दरकार नहीं होती क्योंकि उसका आत्मिक जौहर ही काफ़ी है।
व्युत्पत्ति
Persian, derived from the verb 'pōshīdan' (پوشیدن), meaning 'to cover, wear, or conceal'.
प्रयोग
Commonly contrasted in the ghazal with inward authenticity, mystical nakedness ('uryānī'), or the futility of worldly ornamentation.
उदाहरण
ज़ाहिरी पोशिश से बातिन का हाल नहीं छुपता
तेग़-ए-बुर्राँ को किसी पोशिश की हाजत नहीं
समानार्थी
लिबासजामापरिधानआवरण
संबंधित शब्द
पोशीदापोशाकख़ुश-पोश
