शब्दार्थ
पिला
pilā
hiverb
अर्थ
शराब या कोई पेय पिलाना अथवा पिलाकर।
विस्तार
उर्दू शायरी में 'पिला' शब्द 'पिलाना' क्रिया का धातु या आज्ञार्थक रूप है। इस शेर में 'पिला के' के रूप में यह साक़ी द्वारा तौहीद (एकेश्वरवाद) की रूहानी शराब पिलाने का बयान करता है, जो 'मैं' और 'तू' के सांसारिक द्वैत को समाप्त कर देती है। यह आध्यात्मिक ज्ञान और ईश्वरीय प्रेम के संचार का प्रतीक है।
व्युत्पत्ति
From Sanskrit pāyayati (causes to drink) via Prakrit piāvai to Hindustani pilānā.
प्रयोग
Frequently addressed as an urgent plea to the Saqi in ghazal poetry to request symbolic wine or spiritual communion.
उदाहरण
साक़ी ज़रा शराब पिला दे बहार में
इक जाम-ए-मय पिला के मुझे बे-ख़ुद बना दिया
समानार्थी
जाम देनासैराब करनानशा कराना
संबंधित शब्द
साक़ीमयपैमानाजाम
