शब्दार्थ
प्रकट
prakaṭ
hiadjective
अर्थ
प्रत्यक्ष, ज़ाहिर या सामने दिखाई देने वाला।
विस्तार
काव्य में इसका अर्थ किसी गूढ़ या आध्यात्मिक सत्य के प्रत्यक्ष साकार होने से है। इस शेर में यह प्रतीक्षित परमसत्य से सांसारिक आवरण में साकार होकर दर्शन देने की विनीत प्रार्थना को व्यक्त करता है।
व्युत्पत्ति
Sanskrit (प्रकट / prakaṭa), composed of 'pra-' (forth) and an adjectival stem meaning evident or displayed.
प्रयोग
In ghazal and mystical poetry, it is employed to depict divine epiphanies and the lifting of symbolic veils between the lover and the beloved.
उदाहरण
छुपा था जो हिजाबों में वो मंज़र हो गया प्रकट
प्रकट हुआ जब वो तो महफ़िल में उजाला हो गया
समानार्थी
ज़ाहिरप्रत्यक्षआशकारनुमायाँ
संबंधित शब्द
प्राकट्यप्रकटनप्रकटित
