शब्दार्थ
पीरान
Pīrān
hinoun
अर्थ
बुज़ुर्ग, आध्यात्मिक गुरु या धर्मगुरु (पीर का बहुवचन)।
विस्तार
उर्दू शायरी में 'पीरान' का अर्थ बुज़ुर्ग, सूफ़ी मुर्शिद अथवा धार्मिक पेशवा होता है। इस शे'र में इसका प्रयोग कलीसा (चर्च) और हरम (काबा/मस्जिद) के पारंपरिक पुरोहितों और धर्मगुरुओं के लिए हुआ है। शायर इन पर व्यंग्य करता है कि उनकी तमाम कोशिशें दिलों को रूहानी नूर देने के बजाय बे-नूर कर रही हैं।
व्युत्पत्ति
Persian: plural form of 'pīr' (an elder, spiritual guide) combined with the Persian plural suffix '-ān'.
प्रयोग
In classical verse, it is often invoked respectfully for Sufi saints, but also satirically to censure hypocritical or rigid religious authorities.
उदाहरण
पीरान-ए-तरीक़त की सोहबत
पीरान-ए-दैर-ओ-हरम
समानार्थी
मुर्शिदबुज़ुर्गशैख़पेशवा
संबंधित शब्द
पीरपीरीमुरीदपीर-ओ-मुर्श़िद
