शब्दार्थ

पियूँ

piyūñ

hiverb

अर्थ

मैं पियूँ, पान करूँ या घूँट लूँ।

विस्तार

यह 'पीना' क्रिया का उत्तम पुरुष एकवचन संभाव्य/संकेतार्थक रूप है। इस शेर में यह एक शर्तिया अंदाज़ में प्रयुक्त हुआ है, जहाँ शायर छोटे पैमानों को तुच्छ समझकर केवल विशाल मटकों (ख़ुम) के सामने होने पर ही मद्यपान करने की बात करता है। यह रिंदाना बेपरवाही और असीम तृष्णा को प्रकट करता है।

व्युत्पत्ति

From Sanskrit पिबति (pibati, 'drinks') through Prakrit पिअइ (piai) into Hindustani पीना (pīnā).

प्रयोग

In classical ghazal poetry, it is frequently used by the rind (free-spirited reveler) to convey audacity, romantic despair, or spiritual thirst.

उदाहरण

पियूँ ज़हर-ए-ग़म या पियूँ जाम-ए-मय

इज़ाज़त हो तो ये तलख़ घूँट भी पियूँ

समानार्थी

पान करूँनफ़श करूँघूँट लूँ

संबंधित शब्द

पीनापिलानामय-कशीमय-ख़्वार
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