शब्दार्थ

पाबस्तगी

Paabastagi

hinoun

अर्थ

बंधन, पराधीनता, जकड़न या रीति-रिवाजों की पाबंदी।

विस्तार

उर्दू शायरी में 'पाबस्तगी' का तात्पर्य किसी बंधन, विवशता या रस्म-ओ-रिवाज की बेड़ियों में जकड़े होने की अवस्था से है। प्रस्तुत शे'र में यह बुद्धिमान लोगों के उस खोखलेपन को दिखाता है जो स्वयं को स्वतंत्र मानकर भी आम सामाजिक परंपराओं में बुरी तरह बँधे हुए हैं। यह विचारशीलता के दावे और रूढ़ियों की पराधीनता के अंतर्विरोध को रेखांकित करता है।

व्युत्पत्ति

Persian: compound of 'pā' (foot) + 'basta' (bound/tied) + abstract noun suffix '-gī', literally meaning 'the state of having feet tied' or 'fetteredness'.

प्रयोग

Frequently employed in the ghazal to portray either ideological confinement to societal rituals or the cherished enslavement of the lover to the beloved's devotion.

उदाहरण

रस्म-ओ-राह की पाबस्तगी से छुटकारा न मिला

दिल को तिरी पाबस्तगी में सुकून मिला

समानार्थी

क़ैदबंधनपाबंदीअसीरी

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पाबस्तापाबंदपाबंदीगिरफ़्तार
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