शब्दार्थ

पै-ब-पै

pai-ba-pai

hiadverb

अर्थ

लगातार, बार-बार, एक के बाद एक।

विस्तार

शास्त्रीय काव्य में 'पै-ब-पै' का प्रयोग किसी क्रिया के निरंतर और तीव्र गति से होने को दर्शाने के लिए किया जाता है। इस शे'र में यह शब्द प्रेमी द्वारा रोके जाने के बावजूद सीने से लगातार और बार-बार उठती आहों को बयान करता है। यह भाव मन के असहनीय दर्द और विवशता की अटूट शृंखला को रेखांकित करता है।

व्युत्पत्ति

Persian compound: 'pai' (foot / step) + 'ba' (to / upon) + 'pai' (foot), literally 'foot upon foot' or 'step by step'.

प्रयोग

Commonly used in ghazal poetry to convey an unending series of griefs, teardrops, sighs, or cups of wine.

उदाहरण

पै-ब-पै उठती रहीं दिल से फ़ुग़ाँ की लहरें

आए पै-ब-पै सितम उस मुब्तिला-ए-ग़म पर

समानार्थी

मुसल्सललगातारदम-ब-दमअनाप-शनाप

संबंधित शब्द

पै-दर-पैपापैरवी
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