शब्दार्थ

पिन्हाँ

pinhāñ

hiadjective

अर्थ

छिपा हुआ, गुप्त, अप्रकट, ओझल।

विस्तार

उर्दू शायरी में 'पिन्हाँ' का आशय उस भाव या वस्तु से है जो दृष्टि से ओझल, गुप्त या भीतर ही भीतर दबी हो। इस शे'र में यह 'पैदा' (प्रकट) के मुक़ाबले में शायर की दबी हुई रूहानी आग और जज़्बात के लिए आया है। यह प्रायः सीने में छिपे दर्द, प्रेम के राज़ अथवा अप्रकट रहस्यों को व्यक्त करता है।

व्युत्पत्ति

Persian (پنہان / pinhān), meaning hidden, concealed, or secret.

प्रयोग

In classical ghazal, it is frequently contrasted with words like 'paidā' (manifest) or 'āshkārā' (evident) to frame themes of inner turmoil versus outward appearance.

उदाहरण

दिल में पिन्हाँ कोई ग़म

पिन्हाँ है राज़-ए-इश्क़

समानार्थी

पोशीदामख़्फ़ीछुपामुस्ततर

संबंधित शब्द

निहाँपिन्हानीपोशीदा
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