शब्दार्थ
पीटूँ
pīṭūñ
hiverb
अर्थ
मातम में छाती या जिगर कूटूँ या मारूँ।
विस्तार
प्रस्तुत शेर में 'पीटूँ' का अर्थ अत्यधिक शोक और विलाप में जिगर या छाती पर हाथ मारने (मातम करने) से है। शायर इस असमंजस में है कि वह दिल के ज़ख़्मों पर आँसू बहाए या जिगर पर मातम करे। यह शब्द असीम दुख और लाचारी की चरम अवस्था को प्रकट करता है।
व्युत्पत्ति
From Prakrit 'piṭṭaï', derived from Sanskrit root 'पिट्' (piṭ, to strike, sound) or 'पिष्' (piṣ, to crush).
प्रयोग
In classical Urdu poetry, it frequently collocates with parts of the body such as 'सर' (head), 'सीना' (chest), or 'जिगर' (liver) to signify the intense Shia and eastern ritual of lamentation.
उदाहरण
छाती पीटूँ या सर धुनूँ इस ग़म में
रोऊँ मुक़द्दर को या पीटूँ अपने दिल को
समानार्थी
कूटूँमारूँधुनूँ
संबंधित शब्द
मातमसीना-कोबीनौहागररोना
