शब्दार्थ
पोछिए
pochhiye
hiverb
अर्थ
पूछिए, दरियाफ़्त कीजिए या सवाल कीजिए।
विस्तार
शास्त्रीय काव्य में 'पोछिए' (पूछिए) क्रिया 'पूछना' का आदरसूचक अथवा संभावनार्थक रूप है, जिसका अर्थ दरियाफ़्त करना होता है। प्रस्तुत शेर में 'न पोछिए' के प्रयोग से यह व्यंजित होता है कि माशूक़ के जाने के बाद दिल की वीरानी इतनी भयानक है कि उसका बयान मुमकिन नहीं। यह अव्यक्त पीड़ा और स्तब्धता को उभारने वाला काव्यात्मक मुहावरा है।
व्युत्पत्ति
Sanskrit 'pṛcchati' (पृच्छति) via Prakrit 'pucchai', developing into Hindi/Urdu 'pūchhnā' (پوچھنا).
प्रयोग
Commonly paired with 'na' in ghazals ('na pūchhiye') to denote inexpressible sorrow, astonishment, or extremity of passion.
उदाहरण
हाल-ए-दिल हम से न पूछिए
क्या पूछिए कि बज़्म में क्या माजरा हुआ
समानार्थी
पूछिएदरियाफ़्त कीजिएइस्तिफ़्सार कीजिए
संबंधित शब्द
पूछनापुर्सिशसवाल
