शब्दार्थ
पिघल
pighal
hiverb
अर्थ
गरमी से गलना, द्रवित होना या पिघलना।
विस्तार
इसका शाब्दिक अर्थ गरमी पाकर तरल रूप धारण करना है। शायरी में यह आशिक़ के दिल के पसीजने या माशूक़ की बेपनाह नज़ाकत को दर्शाने के लिए आता है। प्रस्तुत शेर में 'सीम-बदन' महबूब की अतिशय कोमलता को व्यक्त किया गया है, जो चाँदनी की ज़रा सी आँच से भी मोम की तरह पिघल सकता है।
व्युत्पत्ति
From Sanskrit 'प्रगलति' (pragalati, meaning to drip or melt), developing through Prakrit into Hindi-Urdu 'पिघलना / پگھلنا'.
प्रयोग
In classical ghazal, it is commonly paired with metaphors of wax, candles, or tears to depict the suffering of separation or the beloved's unmatched delicacy.
उदाहरण
मोम की तरह शब-ए-ग़म में पिघल जाना
आतिश-ए-हिज्र में दिल का पिघल जाना
समानार्थी
गलद्रवितघुल
संबंधित शब्द
पिघलनामोमआँचताप
