शब्दार्थ

पुख़्ता

pukhta

hiadjective

अर्थ

परिपक्व, पक्का, सुदृढ़ अथवा असरदार।

विस्तार

शाब्दिक रूप से पका हुआ या ठोस, काव्य में यह भावनात्मक और आध्यात्मिक परिपक्वता को दर्शाता है। इस शेर में इसका अर्थ ऐसी 'फ़ुग़ाँ' (फ़रियाद) से है जो दर्द की तपिश से पककर अत्यंत असरदार और पूर्ण हो चुकी है। यह कच्चेपन (ख़ाम) के विपरीत पूर्णता का प्रतीक है।

व्युत्पत्ति

Persian 'pukhtah' (پخته), past participle of 'pukhtan' (to cook, ripen, mature).

प्रयोग

In classical Urdu poetry, it is frequently paired against 'khām' (raw, immature) to contrast spiritual depth with shallow emotion.

उदाहरण

ख़ाम है जब तक तो है दिल में घुटन / पुख़्ता जो हो दर्द तो फ़रियाद बने

पुख़्ता-कारी-ए-जुनूँ

समानार्थी

पक्कामज़बूतकामिलपरिपक्व

संबंधित शब्द

पुख़्तगीख़ामख़ामी
← शब्दकोश पर वापस