शब्दार्थ

पुकारे

pukāre

hiverb

अर्थ

आवाज़ दे, पुकार लगाए या फ़रियाद करे।

विस्तार

शास्त्रीय शायरी में 'पुकारे' शब्द आवाज़ लगाने, गुहार करने या फ़रियाद करने के अर्थ में प्रयुक्त होता है। इस शे'र में महबूब के नाज़ और जलाल की शिद्दत देखकर स्वयं मौत (अजल) भी पनाह माँगने के लिए पुकार उठती है। यह शब्द यहाँ आतंक या विवशता में की गई पुकार का सशक्त प्रभाव पैदा करता है।

व्युत्पत्ति

Inherited from Hindi/Prakrit pukārnā, ultimately associated with Sanskrit phūtkāra (blowing or calling out with force).

प्रयोग

Frequently used in ghazals to depict the lover calling out in yearning or personified elements crying out in wonder and dismay.

उदाहरण

कोई नहीं सुनता जब दिल पुकारे।

अजल भी पनाह को पुकारे तेरे कूचे में।

समानार्थी

बुलाएसदा देगुहार लगाए

संबंधित शब्द

पुकारपुकारनाआवाज़फ़रियाद
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