शब्दार्थ
पाऊँ
pā'ūñ
hiverb
अर्थ
प्राप्त करूँ, पा सकूँ या समझ सकूँ।
विस्तार
इस शेर में 'पाऊँ' क्रिया 'पाना' का उत्तम पुरुष एकवचन संभाव्य रूप है, जिसका अर्थ यहाँ किसी रहस्य को समझना या उसकी थाह लेना है। 'भेद पाना' मुहावरे के संदर्भ में यह किसी गूढ़ बात को जान लेने के अर्थ में प्रयुक्त हुआ है। शायर कहता है कि यद्यपि वह महबूब के राज़ को नहीं समझ पाता, फिर भी उसका खुल कर सामने आना ही बहुत बड़ी बात है।
व्युत्पत्ति
Sanskrit प्राप्नोति (prāpnoti) through Prakrit पावइ (pāvaï) into Hindustani पाना (pānā).
प्रयोग
In classical ghazal poetry, it is frequently used in the subjunctive mood to voice conditional longing, yearning, or the inability to attain the beloved or comprehend ultimate truth.
उदाहरण
गर तिरी ज़ुल्फ़ का सिरा पाऊँ
ढूँढता हूँ कि कहीं चैन पाऊँ
समानार्थी
हासिल करूँजानूँसमझूँढूँढूँ
संबंधित शब्द
पानापायापावेपाएगा
