शब्दार्थ
नवा-संजान
navā-sanjān
hinoun
अर्थ
गाने वाले, गीतकार, चमन के चहकने वाले पक्षी।
विस्तार
शास्त्रीय काव्य में 'नवा-संज' का अर्थ मधुर धुनें रचने वाला, गायक अथवा चहकने वाला पक्षी (जैसे बुलबुल) होता है। प्रस्तुत शेर में 'नवा-संजान' बहुवचन रूप में उपवन के स्वतंत्र परिंदों और गायकों के लिए प्रयुक्त हुआ है। पिंजरे में क़ैद शायर पूछता है कि उसके विलाप से चमन के आज़ाद गायकों को क्या तकलीफ़ हो सकती है।
व्युत्पत्ति
Persian: 'navā' (voice, tune, melody) + present stem of 'sanjīdan' (to weigh, measure, modulate) + animate plural suffix '-ān'.
प्रयोग
Commonly used in ghazals as an elegant Persian plural to symbolize free artists, poets, or the melodious nightingales of the garden.
उदाहरण
नवा-संजान-ए-चमन की सदा
सहर के नवा-संजान
समानार्थी
नवा-ख़्वाँनग़्मा-संजबुलबुलान
संबंधित शब्द
नवानवा-संजनवा-पर्दाज़नग़्मा
