शब्दार्थ

नव-ख़ताँ

nav-khatāñ

hinoun

अर्थ

नौजवान जिनके चेहरे पर नया रवाँ या मूँछ-दाढ़ी निकली हो।

विस्तार

'नव-ख़ताँ' उन नौजवानों को कहते हैं जिनके चेहरे पर पहली बार रवाँ या बारीक दाढ़ी (ख़त) निकली हो। इस शे'र में यह उन कमसिन सुंदर किशोरों के लिए आया है जिनके मिट्टी में दफ़्न अंग कालांतर में ज़मीन से वनस्पति बनकर फूट पड़ते हैं। यहाँ चेहरे के 'सब्ज़ा-ए-ख़त' (कोमल रवाँ) और ज़मीन से उगने वाली 'नबात' (पौधों) के बीच काव्यात्मक संबंध बाँधा गया है।

व्युत्पत्ति

Persian compound formed from 'nau' (new, fresh) + 'khat' (hair/down on the face, line) + plural suffix '-āñ'.

प्रयोग

In classical Urdu ghazal, 'khat' and 'nau-khat' are conventional motifs denoting adolescent charm and the bittersweet transition from boyhood to youth, frequently compared to budding green grass (sabza).

उदाहरण

अज्ज़ा-ए-नव-ख़ताँ से चमन महक उठा

ख़ाक में मिल गए वो नाज़ुक नव-ख़ताँ

समानार्थी

सब्ज़-ख़तनौ-उम्रनौजवान

संबंधित शब्द

ख़तसब्ज़ा-ए-ख़तनबातअज्ज़ा
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