शब्दार्थ
नय
nay
hipostposition
अर्थ
भूतकालिक सकर्मक क्रिया के कर्ता का परसर्ग; 'ने'।
विस्तार
शास्त्रीय रेख़्ता तथा प्रारंभिक उर्दू में कर्ता कारक का परसर्ग 'ने' प्रायः 'नय' के रूप में उच्चारित व अंकित होता था। इस शेर में यह उत्तम पुरुष सर्वनाम के साथ जुड़कर ('मैं नय') वक्ता को कर्ता के रूप में दर्शाता है जिसने खाली सुराही में कंकर भरे हैं। यह सकर्मक क्रिया के भूतकालिक प्रयोग में प्रयुक्त होता है।
व्युत्पत्ति
Derived from Middle Indo-Aryan/Apabhramsha instrumental and agentive markers, evolving into Old Hindustani 'nay' / modern 'ne'.
प्रयोग
Commonly encountered in early Rekhta manuscripts and older printed ghazals as the orthographic and phonetic predecessor of the modern Urdu-Hindi postposition 'ne'.
उदाहरण
मैं नय उसको पुकारा
किस नय ये दास्ताँ सुनाई
समानार्थी
ने
संबंधित शब्द
नेमैंमुझहम
