शब्दार्थ
नज़र-बाज़
nazar-bāz
hinoun
अर्थ
सौंदर्य का पारखी, आँख लड़ाने वाला, नज़रों का खिलाड़ी।
विस्तार
शास्त्रीय उर्दू और फ़ारसी शायरी में 'नज़र-बाज़' उस आशिक़ को कहते हैं जो हुस्न की कद्र करता है और नज़रों के खेल में माहिर होता है। इस शेर में यह उस भावुक और आज़ाद-मिज़ाज आशिक़ का विशेषण है जिसकी आँख सौंदर्य को परखने और चाहने में निपुण है। यह सांसारिक चंचलता और रूहानी सौंदर्य-दृष्टि दोनों को समेटता है।
व्युत्पत्ति
Compound of Arabic 'nazar' (sight, glance) and Persian suffix 'bāz' (player, agent who engages in an activity).
प्रयोग
Commonly invoked in the ghazal to denote the lover's playful yet discerning courtship conducted entirely through subtle eye contact.
उदाहरण
महफ़िल में उस नज़र-बाज़ की निगाहों से कोई राज़ छुप न सका।
हुस्न की दुनिया में आशिक़ को नज़र-बाज़ का दर्जा दिया जाता है।
समानार्थी
दीदा-बाज़हुस्न-परस्ततमाशाई
संबंधित शब्द
नज़र-बाज़ीनज़रबाज़ीगरचश्म-दीद
