शब्दार्थ
नक़्श-बंदी-हा
naqsh-bandi-ha
hinoun
अर्थ
संसार के विविध रूप-रंग, चित्रकारियाँ या रचनाएँ।
विस्तार
'नक़्श-बंदी-हा' का तात्पर्य संसार की विविध चित्रकारियों, रूपाकारों या भौतिक रचनाओं से है, जिसमें फ़ारसी बहुवचन प्रत्यय '-हा' प्रयुक्त है। इस शेर में कवि भौतिक संसार के तमाम रूपों और सृजनों को मूर्ति-पूजा (बुत-परस्ती) का विस्तार बताता है। क़लम के चलने की आवाज़ को मंदिर के शंखनाद से जोड़कर इस रचना-प्रक्रिया का चित्रण किया गया है।
व्युत्पत्ति
Arabic-Persian compound (Arabic 'naqsh' [design/mark] + Persian 'bandī' [binding/fashioning] + Persian plural suffix '-hā').
प्रयोग
In classical Urdu ghazal, the Persian plural suffix '-ha' is frequently used to evoke high literary register and cosmic multiplicity of worldly illusions or pains.
उदाहरण
दहर की नक़्श-बंदी-हा का तमाशा
क़लम की नक़्श-बंदी-हा से सजी महफ़िल
समानार्थी
सूरत-गरीमुसव्वरीपैकर-तराशी
संबंधित शब्द
नक़्श-बंदनक़्शख़ामादह्र
