शब्दार्थ

नाहक़

nāhaq

hiadverb

अर्थ

बेवजह, अकारण, व्यर्थ या अनुचित रूप से।

विस्तार

उर्दू शायरी में 'नाहक़' का अर्थ अकारण, व्यर्थ या बिना किसी औचित्य के होना है। प्रस्तुत शे'र में मीर कहते हैं कि इश्क़ के रास्ते ने उन्हें बेवजह और बिना किसी क़सूर के अपने झमेले में उलझा लिया है, जबकि वे तो सीधे अपनी राह चल रहे थे।

व्युत्पत्ति

Formed from the Persian negative prefix 'nā-' (not, un-) and Arabic 'haqq' (right, truth, justice).

प्रयोग

Often used in the ghazal to lament the unprovoked torments inflicted by love, fate, or the indifferent beloved.

उदाहरण

नाहक़ का झगड़ा मोल लेना

नाहक़ ख़ून बहाना

समानार्थी

बेसबबबेवजहबेजाफ़ुज़ूल

संबंधित शब्द

हक़नाहक़ीबेइंसाफ़ीज़ुल्म
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