शब्दार्थ
ना-सुबूर
nā-subūr
hiadjective
अर्थ
बेचैन, अधीर, सब्र या धैर्य न रखने वाला।
विस्तार
यह उस व्यक्ति या दिल का वर्णन करता है जिसमें धैर्य और सब्र का सर्वथा अभाव हो। प्रस्तुत शे'र में आशिक़ के दिल की बेचैनी को ही उसकी ज़िंदगी ठहराया गया है, अर्थात जो दिल ना-सुबूर नहीं वह वास्तव में निष्प्राण है।
व्युत्पत्ति
Persian negative prefix 'nā-' combined with Arabic 'ṣabūr' (patient, long-suffering), from the root ṣ-b-r.
प्रयोग
In classical ghazal poetry, it highlights the lover's involuntary turmoil and inability to endure separation or delay.
उदाहरण
दिल-ए-ना-सुबूर को किसी पहलू क़रार नहीं।
आशिक़-ए-ना-सुबूर की फ़रियाद सुनी न गई।
समानार्थी
बे-क़रारबे-सब्रमुज़्तरिबअधीर
संबंधित शब्द
ना-सुबूरीसब्रसुबूरबे-सब्र
