शब्दार्थ
ना-रवा
nā-ravā
hiadjective
अर्थ
अनुचित, अमान्य, नाजायज़ या बिकने के अयोग्य।
विस्तार
शास्त्रीय शायरी में 'ना-रवा' का अर्थ अनुचित, नाजायज़ या अस्वीकार्य होता है। व्यापारिक और रूपक के संदर्भ में 'जिंस-ए-ना-रवा' से तात्पर्य उस खोटे या बेकार माल से है जिसकी कोई क़ीमत न हो। इस शे'र में इश्क़ को ऐसा ही अनबिका और उपेक्षित माल कहा गया है जिसका कोई खरीदार नहीं।
व्युत्पत्ति
Persian: composed of the negative prefix 'nā' and 'ravā' (lawful, current, passable; from raftan, to go/pass).
प्रयोग
Often used to censure tyranny, unfair social customs, or metaphorically paired with 'jins' to depict worthless offerings in the bazaar of love.
उदाहरण
ज़ुल्म-ओ-सितम को हमेशा ना-रवा जाना गया
बाज़ार-ए-इश्क़ में यह जिंस-ए-ना-रवा बिकी नहीं
समानार्थी
नाजायज़ग़लतअनुचितनाक़ाबिल-ए-क़बूल
संबंधित शब्द
रवारवादारीना-रवादारी
