शब्दार्थ
नामा-स्याही
nāma-syāhī
hinoun, feminine
अर्थ
कर्मपत्र का काला होना; पाप या गुनाह की स्थिति।
विस्तार
फ़ारसी और उर्दू काव्य-परंपरा में 'नामा-ए-आमाल' यानी कर्म-पुस्तिका का पापों से काला होना 'नामा-स्याही' कहलाता है। यह शब्द पापों की अधिकता और अपराध-बोध को व्यक्त करता है। प्रस्तुत शे'र में मीर कहते हैं कि अपने गुनाहों के काले बही-खाते के बावजूद डरने की ज़रूरत नहीं, क्योंकि पैग़म्बर स्वयं मोक्ष के ज़ामिन हैं।
व्युत्पत्ति
Persian: compound of 'nāma' (letter, book, record) and 'siyāhī' (blackness, ink).
प्रयोग
Frequently used in classical devotional and reflective ghazals to confess moral failure while appealing to divine mercy or prophetic intercession.
उदाहरण
रहमत-ए-हक़ के आगे नामा-स्याही कोई रुकावट नहीं।
अश्क-ए-नदामत से नामा-स्याही भी धुल जाती है।
समानार्थी
गुनाहगारीस्याह-कारनामारू-स्याही
संबंधित शब्द
नामा-ए-आमालस्याह-रूईनजातशफ़ाअत
