शब्दार्थ

ना-बलद

nā-balad

hiadjective

अर्थ

मार्ग या स्थान से अनजान, अपरिचित, बेख़बर।

विस्तार

शास्त्रीय उर्दू काव्य में 'ना-बलद' का प्रयोग ऐसे व्यक्ति के लिए होता है जो किसी रास्ते, नगर या देश से सर्वथा अनभिज्ञ हो। प्रस्तुत शे'र में यह इश्क़ की राह में बिना किसी अनुभव या दुनियावी समझ के प्रवेश करने वाले आशिक़ को दर्शाता है। यह स्थिति प्रेमी के अजनबीपन और लौकिक दिशा-निर्देशों से उसकी बेपरवाही को उजागर करती है।

व्युत्पत्ति

Persian prefix 'nā-' (un-, non-) combined with Arabic 'balad' (city, town, country, territory).

प्रयोग

In the ghazal tradition, it often portrays the lover as an innocent pilgrim who requires no earthly compass on the journey of divine or passionate love.

उदाहरण

कूचा-ए-यार में ना-बलद फिरना

इश्क़ की राह से ना-बलद होना

समानार्थी

नावाक़िफ़अपरिचितअंजानबेख़बर

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