शब्दार्थ
ना-बालिग़
na-baaligh
hiadjective
अर्थ
नासमझ, अपरिपक्व या जो वयस्क न हुआ हो।
विस्तार
शाब्दिक रूप से इसका अर्थ ऐसा व्यक्ति है जो बालिग़ न हुआ हो, परन्तु काव्य में यह आत्मिक और बौद्धिक अपरिपक्वता को दर्शाता है। प्रस्तुत शेर में यह शब्द एक बूढ़े ज़ाहिद के लिए व्यंग्य के रूप में आया है, जो उम्र में बड़ा होने पर भी इश्क़ के गूढ़ ज्ञान से पूरी तरह अनजान और कच्चा है।
व्युत्पत्ति
Persian negative prefix 'na-' combined with the Arabic 'baligh' (mature, one who has arrived at puberty).
प्रयोग
Commonly deployed in the ghazal to mock orthodox moralists whose rigid dogma proves their total lack of spiritual development.
उदाहरण
उम्र से बूढ़ा मगर समझ से ना-बालिग़
इश्क़ के मकतब में वो अभी ना-बालिग़ है
समानार्थी
ख़ामअपरिपक्वनादानकच्चा
संबंधित शब्द
बालिग़बुलूग़तज़ाहिदतिफ़्ल
