शब्दार्थ
ना-फ़हमी
nā-fahmī
hinoun (feminine)
अर्थ
समझ की कमी, नासमझी, अज्ञान या मूर्खता।
विस्तार
ना-फ़हमी का अर्थ समझ का अभाव, नासमझी या भूल है। इस शे'र में यह आशिक़ की उस भारी नादानी को दर्शाता है जहाँ वह संगदिल महबूब से रहम की उम्मीद रखता है। यह प्रेम में आशिक़ के भ्रम और उसकी विवशता को व्यक्त करता है।
व्युत्पत्ति
Persian negative prefix 'nā-' combined with Arabic 'fahm' (understanding, intellect) and the Persian abstract suffix '-ī'.
प्रयोग
In classical Urdu poetry, it frequently reflects the lover's self-deprecating acknowledgment of their tragic, misguided hope in an indifferent beloved.
उदाहरण
उन से वफ़ा की उम्मीद ना-फ़हमी के सिवा कुछ नहीं।
मेरी ना-फ़हमी ने इस सादे रिश्ते को उलझा दिया।
समानार्थी
नासमझीकम-फ़हमीग़लत-फ़हमीनादानी
संबंधित शब्द
फ़हमना-फ़हमफ़हमीदा
