शब्दार्थ
नादान
Nādān
hiadjective / noun
अर्थ
नासमझ, अज्ञानी, मूर्ख या भोला-भाला व्यक्ति।
विस्तार
उर्दू काव्य परंपरा में 'नादान' का प्रयोग ऐसे व्यक्ति के लिए होता है जो सांसारिक यथार्थ से अनजान, भोला या नासमझ हो। मीर के इस शे'र में यह दिल या श्रोता को सम्बोधित करते हुए कहा गया है, जो इस भ्रम में रहता है कि यहाँ कोई किसी के ग़म में सचमुच शरीक होता है। यह संसार की निष्ठुरता और नश्वरता को रेखांकित करता है।
व्युत्पत्ति
Persian: nā- (negative prefix, 'not/un-') + dān (present stem of dānistan, 'to know/wise').
प्रयोग
Frequently used in the ghazal as an affectionate or despairing apostrophe to one's own gullible heart ('dil-e-nādān').
उदाहरण
दिल-ए-नादान तुझे हुआ क्या है
नादान को क्या मालूम वफ़ा की क़ीमत
समानार्थी
नासमझअज्ञानीबेवक़ूफ़सदा-लौह
संबंधित शब्द
नादानीदानादानिशदानिशमंद
