शब्दार्थ
नित
nit
hiadverb
अर्थ
सदा, हमेशा, प्रतिदिन, निरंतर।
विस्तार
यह एक अव्यय अथवा क्रिया-विशेषण है जिसका अर्थ 'हमेशा' या 'लगातार' होता है। इस शे'र में यह महबूब के कभी न ख़त्म होने वाले मुसलसल इंतज़ार और प्रेमी की विरह-वेदना को दर्शाता है। यह स्थिति की निरंतरता और आदत को बयान करता है।
व्युत्पत्ति
Sanskrit 'nitya' (नित्य), which entered Prakrit and Old Hindi/Braj Bhasha as 'nit' and was commonly absorbed into classical Rekhta/Urdu poetry.
प्रयोग
Common in early and classical Urdu ghazals under Indic influence to denote chronic longing or endless separation.
उदाहरण
नित का रोना अब आदत बन गया है।
उस बेवफ़ा की राह नित देखते रहे।
समानार्थी
हमेशासदामुदाममुसलसल
संबंधित शब्द
नित्यनित-नयानित्यप्रति
