शब्दार्थ
नाज़-पेशा
nāz-pēsha
hiadjective
अर्थ
हाव-भाव या नख़रे दिखाने वाला; नख़रेबाज़; माशूक़।
विस्तार
यह फ़ारसी सामासिक शब्द ऐसे महबूब के लिए प्रयुक्त होता है जिसका स्वभाव या आदत नाज़-ओ-अंदाज़ और नख़रे दिखाना हो। शेर में यह उस दिलरुबा का वर्णन करता है जिसके चंचल हाव-भाव और अदाओं पर सारा संसार फ़िदा और गिरफ़्तार है। यह महबूब की मनमोहक चंचलता और विवश कर देने वाले आकर्षण को दर्शाता है।
व्युत्पत्ति
Persian: compound of 'nāz' (coquetry, grace, amorous pride) + 'pēsha' (calling, habit, profession).
प्रयोग
In classical Urdu poetry, it serves as an epithet for the beloved whose habitual art of coquetry effortlessly ensnares the hearts of lovers.
उदाहरण
वो नाज़-पेशा सितमगर जो दिल चुराता है
तेरे सिवा किसे ज़ेबा है नाज़-पेशागरी
समानार्थी
नाज़नीनग़मज़ा-शि'आरशोख़नख़रेबाज़
संबंधित शब्द
नाज़पेशाअदाअय्यार
